जन्म कुण्डली में बुध योग
“ॐ हरि हर नमो नमःॐ”
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यदि लग्न में गुरु से केन्द्र में चन्द्रमा, चन्द्रमा से द्वितीय में राहु, तृतीय स्थान में सूर्य एवं मंगल हो तो बुध योग होता है। इस योग में उत्पन्न होनेवाला मनुष्य राजश्री से युक्त, विशेष बली, यशस्वी, शास्त्रज्ञाता, व्यापार में चतुर, बुद्धिमान् और शत्रुरहित होता है। इस योग का फलादेश २८ वर्ष की अवस्था से प्राप्त होता है। यथा-

॥ श्रीरस्तु ॥
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श्री हरि हरात्मक देवें सदा, मुद मंगलमय हर्ष।
सुखी रहे परिवार संग, अपना भारतवर्ष ॥
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संकलनकर्ता –
श्रद्धेय पंडित विश्वनाथ द्विवेदी ‘वाणी रत्न’
संस्थापक, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
(‘हरि हर हरात्मक’ ज्योतिष संस्थान)
संपर्क सूत्र – 07089434899
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